
पश्चिम बंगाल में बेरोजगारों और महिलाओं को 3000 रुपये प्रतिमाह सहायता देने के राजनीतिक ऐलान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। खासकर मध्यप्रदेश के कई यूज़र्स ने इस मुद्दे पर नाराज़गी जताई है और सवाल उठाए हैं।
सोशल मीडिया पर कुछ बेरोजगार युवाओं का कहना है कि वे वर्षों से वोट देते आ रहे हैं, लेकिन उन्हें इस तरह की कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली। एक यूज़र ने लिखा, “20 साल से वोट देने के बाद भी हमें 3000 रुपये नहीं मिले।”
महिलाओं ने भी इस मुद्दे पर अपनी आवाज उठाई है। कई लोगों का कहना है कि यदि एक राज्य में इस तरह की योजना की घोषणा की जा सकती है, तो अन्य राज्यों में भी इसे लागू किया जाना चाहिए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं—
नीलम ने फेसबुक पर लिखा कि “ऐसी योजनाएं हर राज्य में लागू होनी चाहिए।”
कविता ने X (पूर्व ट्विटर) पर सवाल उठाया कि “क्या यह सुविधा सिर्फ चुनावी राज्यों तक सीमित रहेगी?”
सुषमा ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए कहा कि “महिलाओं को समान लाभ मिलना चाहिए।”
फिलहाल, इस मुद्दे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ऐसे ऐलान से अन्य राज्यों में अपेक्षाएं बढ़ सकती हैं और यह चुनावी चर्चा का बड़ा मुद्दा बन सकता है।











