सक्ती नगर मेरे गुरु स्वामी अग्निवेश जी की जन्मस्थली है जहां आने से मुझे शक्ति मिलती है…स्वामी आग्नेयानंदी
स्वामी अग्निवेश के जन्मस्थली में आर्य समाज उनके स्मृति में संस्था या स्मारक स्थापित करे तो हमारे लिए अनुपम उपहार होगा…अधिवक्ता चितरंजय पटेल

सक्ती नगर मेरे गुरु स्वामी अग्निवेश जी की जन्मस्थली है जहां आने से मुझे शक्ति मिलती है, यह बात स्वामी आग्नेयानंदी ने आज स्वामी अग्निवेश से संपर्कित उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल से भेंट के दरम्यान कहते हुए बताया कि मैं स्वामी जी के शिष्या के नाते उनके बायोग्राफी लिख रही हूं जिससे उनसे जुड़े लोगों के संस्मरणों का संकलन जारी है तथा इस हेतु उनके जन्म स्थली के साथ ही बाल्य व किशोरावस्था और अध्यन काल की धरा सक्ती के लोगों की यादों व अनुभवों को समाहित किए बिना उनकी जीवनी अधूरी होगी फलस्वरूप नगर के लोगों से सतत भेंट कर परस्पर अनुभव आदान प्रदान जारी है।
इस भेंट के दौरान अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने स्वामी जी आग्रह किया कि अग्निवेश जी के जन्मस्थली में उनके विचार एवं आदर्श जीवित रहें तथा उससे भावी पीढ़ी प्रेरणा ग्रहण करे इस हेतुक उनके स्मृति में आर्य समाज कोई संस्था अथवा स्मारक स्थापित करे तो इस नवोदित सक्ती जिलेवासियों के लिए एक अच्छा संदेश के साथ अनुपम उपहार होगा। इस पर स्वामी जी ने आर्य प्रतिनिधि सभा में इस पर चर्चा कर सकारात्मक पहल की बात कही।

आज भेंट मुलाकात व विचार आदान प्रदान के इन पलों में मीडिया के योम लहरे, देवेंद्र रात्रे, मुबारक, महेंद्र खांडे के साथ वासु रिसोर्ट के संचालक ईश्वर लोधी की गरिमामय उपस्थिति रही।











