
देश के साथ ही साथ छत्तीसगढ़ की राजनीति में महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। ृ
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विपक्ष, विशेषकर इंडी (I.N.D.I.A.) गठबंधन पर कड़ा प्रहार करते हुए बिल रुकवाने का आरोप लगाया है, सीएम साय के अनुसार, विपक्ष के अड़ंगे की वजह से लोकसभा में महिला आरक्षण बिल (संविधान 131वां संशोधन) पास नहीं हो सका।
विशेष सत्र में निंदा प्रस्ताव
साय सरकार इस मुद्दे पर छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की योजना बना रही है, जिसमें विपक्ष के रवैये के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा। वहीं दूसरी ओर भाजपा इस मुद्दे को लेकर 20 अप्रैल से 27 अप्रैल तक प्रदेशव्यापी प्रदर्शन कर रही है, जिसमें पुतला दहन और महिला सम्मेलन शामिल हैं।
कौशल्या भाभी को सीएम बनाएं – भूपेश बघेल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया, उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि भाजपा को महिलाओं की इतनी ही चिंता है, तो मुख्यमंत्री की पत्नी (कौशल्या साय) को मुख्यमंत्री बना देना चाहिए। भूपेश बघेल ने दावा किया कि महिला आरक्षण की नींव राजीव गांधी ने रखी थी और भाजपा ने हमेशा इसमें बाधा डाली है।बघेल ने आरोप लगाया कि RSS और भाजपा ने कभी भी महिलाओं को शीर्ष नेतृत्व में वास्तविक मौका नहीं दिया।











