
लौह पुरुष के स्मरण का पर्व है राष्ट्रीय एकता दिवस …
अधिवक्ता चितरंजय
भारत के इतिहास में 31अक्टूबर का विशेष महत्व है क्योंकि आज देश के लौह पुरुष आजाद भारत के प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती है। इन पलों में राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग (विधि) के प्रदेश अध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस सरदार पटेल का राष्ट्र के प्रति योगदान को स्मरण करने का पर्व है।

अधिवक्ता पटेल ने आगे बताया कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने आजादी के बाद भारत की 550 से अधिक रियासतों का भारतीय संघ में विलय कराने में साहसिक एवं ऐतिहासिक भूमिका अदा किया, जिससे उन्हें स्वतंत्र भारत के एकीकरण के शिल्पकार के रूप में जाना जाता है तथा उनके जन्म जयंती को देश में राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day) के रूप में मनाया गया तथा जिला पुलिस प्रशासन के द्वारा शिक्षा विभाग के साथ संयुक्त तत्वाधान में दीनदयाल स्टेडियम पुलिस लाइन से नगर के हृदय स्थल अवस्थित पुलिस जनसंवाद केंद्र तक Run for unity अर्थात एकता दौड़ का आयोजन किया गया जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस डा भुनेश्वरी पैंकरा, पुलिस लाइन प्रभारी उमेश राय, जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे,

जिला खेल अधिकारी अमर सिंह राज, उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल आदि के साथ जिला पुलिस बल, जिला स्काउट, एनसीसी, रेडक्राॅस, एवं नगर गणमान्य लोग शामिल हुए। इस अवसर पर ए एस पी पंकज पटेल ने के देश के प्रति योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि
सरदार वल्लभ भाई पटेल दृढ़ इच्छाशक्ति के धनी थे इसलिए उन्हें लौह पुरुष कहा जाता है।आज प्रभात फेरी के रूप में निकली रन फॉर यूनिटी मार्च में भारत माता की जय, वंदे मातरम, सरदार पटेल अमर रहे के उद्घोष से नगर का गौरव पथ गुंजित हो रहा था। विदित हो कि आज जिला पुलिस प्रशासन की ओर से पुलिस जन संवाद केंद्र कचहरी चौक में शाम 5.00 बजे राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह का आयोजन किया गया है जिसमें पुलिस प्रशासन ने लोगों से शामिल होने का आग्रह किया गया है।











