
- जांजगीर डबल मर्डर केस में सख्त फैसला: शराब दुकान में लूट और दो गार्डों की हत्या का मामला,
- एक ही मामले आरोपियों को कई बार आजीवन कारावास की सजा,
- कोर्ट ने कहा- जघन्य अपराध पर कड़ा दंड जरूरी…
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में हुए सनसनीखेज डबल मर्डर और शराब दुकान लूटकांड मामले में न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाया है, दो निर्दोष गार्डों की हत्या कर लूटपाट करने वाले आरोपियों को माननीय सत्र न्यायालय ने कई धाराओं में दोषी मानते हुए एक से अधिक बार आजीवन कारावास की सजा दी है।
जांजगीर चांपा जिले के चांपा सिवनी में चर्चित शराब दुकान डबल मर्डर और लूटकांड मामले में न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपियों को कठोर दंड सुनाया है, माननीय जयदीप गर्ग, प्रधान सत्र न्यायाधीश, जांजगीर ने मामले की सुनवाई के बाद मुख्य आरोपी समेत अन्य आरोपियों को भादवि की विभिन्न धाराओं के तहत कई बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामले की जानकारी देते हुए लोक अभियोजक संदीप सिंह बनाफर ने बताया कि यह घटना 4 नवंबर 2023 की रात की है। सूचक जगजीवन प्रसाद वस्त्रकार ने बताया कि वह रात करीब 10 बजे शराब दुकान बंद कर कर्मचारी के साथ घर लौट गया था, जबकि सुरक्षा के लिए गार्ड यदुनंदन पटेल और जयकुमार सूर्यवंशी ड्यूटी पर मौजूद थे।
अगले दिन 5 नवंबर को सूचना मिली कि दोनों गार्डों की अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी है और दुकान में लूटपाट हुई है, सूचना मिलते ही थाना चांपा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई, सहायक उपनिरीक्षक बी.एस. लकड़ा और निरीक्षक मनीष सिंह परिहार ने मर्ग कायम कर शवों का पंचनामा तैयार कराया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच के दौरान घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए, जिसमें शराब दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों के एनवीआर को जब्त किया गया। इसके आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 537/2023 के तहत धारा 302, 397 और 460 भादवि के तहत मामला दर्ज कर विवेचना पूरी की और न्यायालय में चालान पेश किया।
अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष तर्क दिया कि आरोपियों ने आपसी साजिश के तहत रात में दुकान में घुसकर लूटपाट की और विरोध करने पर दोनों गार्डों की बेरहमी से हत्या कर दी, यह अपराध अत्यंत गंभीर और समाज को झकझोर देने वाला है, इसलिए आरोपियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए, सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय ने आरोपियों को दोषी करार दिया,
मुख्य आरोपी शिवशंकर चौहान उर्फ मुन्ना को धारा 302 के तहत 02 बार आजीवन कारावास, धारा 397 के तहत आजीवन कारावास और धारा 460 के तहत अतिरिक्त आजीवन कारावास सहित कुल 04 बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। वहीं सह-आरोपी कृष्णा सहिस और मंगली बाई उर्फ माला सहिस को भी धारा 302 के तहत दो-दो बार आजीवन कारावास और धारा 397 के तहत आजीवन कारावास सहित कुल 03-03 बार आजीवन कारावास की सजा दी गई, सभी आरोपियों पर अर्थदंड भी लगाया गया है।
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि अर्थदंड की राशि जमा नहीं की जाती है, तो आरोपियों को प्रत्येक अपराध के लिए अतिरिक्त 6-6 माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा। इस मामले में अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक संदीप सिंह बनाफर ने प्रभावी पैरवी की, जिसके आधार पर न्यायालय ने यह कड़ा और महत्वपूर्ण फैसला सुनाया।











