
संघ के अनुभवी प्रचारक को मिली प्रदेश संगठन की कमान, कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद और संगठनात्मक मजबूती पर रहेगा जोर…
अधिवक्ता चितरंजय पटेल
सक्ती। भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए कर्मवीर सिंह को छत्तीसगढ़ का प्रदेश महामंत्री (संगठन) नियुक्त किया है। वे झारखंड भाजपा में संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। नई जिम्मेदारी के बाद उनका केंद्र रायपुर रहेगा और वे प्रदेश संगठन के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कर्मवीर सिंह लंबे समय तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्णकालिक प्रचारक के रूप में कार्य कर चुके हैं। अलीगढ़ में उन्होंने महानगर प्रचारक तथा विभाग प्रचारक के रूप में जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2021 में वे उत्तर प्रदेश भाजपा के सह संगठन मंत्री के दायित्व पर थे। अगस्त 2022 में उन्हें झारखंड भाजपा का प्रदेश संगठन महामंत्री बनाया गया था।
संगठनात्मक कार्यों में उनके अनुभव को देखते हुए भाजपा नेतृत्व ने अब उन्हें छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी सौंपी है। हाल ही में झारखंड में संगठन महामंत्री के रूप में भी वे जिला स्तर की बैठकों में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर देते रहे हैं।
कार्यकर्ताओं से संवाद और संगठन को मजबूत करना बड़ी चुनौती — चितरंजय पटेल
इस संबंध में उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने कहा कि कर्मवीर सिंह को धरातल पर कार्यकर्ताओं से जुड़कर काम करने तथा समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संगठनात्मक गतिविधियों का अनुभव रहा है। उनके अनुसार, छत्तीसगढ़ में नई जिम्मेदारी के साथ कर्मवीर सिंह के सामने प्रदेशभर के कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और संगठनात्मक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की चुनौती होगी।
चितरंजय पटेल ने कहा कि मैदानी क्षेत्रों में संगठन के भीतर कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय और आपसी संवाद को लेकर जो समस्याएं सामने आती हैं, उन्हें दूर करना महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि कर्मवीर सिंह जैसे अनुभवी संगठनकर्ता से भाजपा के मूल कार्यकर्ताओं को अपेक्षाएं हैं और उनके साथ सीधे संवाद के माध्यम से संगठन को और सक्रिय किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना, कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और जमीनी स्तर पर संगठनात्मक संवाद बढ़ाना उनके दायित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब भाजपा छत्तीसगढ़ में आगामी चुनावी तैयारियों के साथ संगठनात्मक पुनर्संरचना पर भी काम कर रही है।











