• Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer
CG Panchayat News

CG Panchayat News

हमर पंचायत, डिजिटल पंचायत

श्रीगणेश चतुर्थी आज, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और उपासना विधि

गणेश चतुर्थी हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार है जो भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. यह त्योहार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है. इस दिन लोग भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करते हैं और उन्हें विधि-विधान से पूजते हैं. इस बार गणेश चतुर्थी 7 सितंबर यानी आज मनाया जा रहा है. 

माना जाता है कि इस दिन गणेश जी का प्राकट्य हुआ था. साथ ही ऐसी भी मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेश धरती पर आकर अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं. गणेश चतुर्थी की पूजा की अवधि जिसमें गणेश जी धरती पर निवास करते हैं यह अनंत चतुर्दशी तक चलती है. इन 10 दिनों को गणेश महोत्सव के नाम से जाना जाता है. गणेश चतुर्थी का पर्व 7 सितंबर यानी आज से शुरू हो रहा है और 17 सितंबर को यह पर्व अनंत चतुर्दशी पर समाप्त होगा.  

गणेश चतुर्थी की तिथि 6 सितंबर यानी कल दोपहर 3 बजकर 01 मिनट पर शुरू हो चुकी है और इस तिथि का समापन 7 सितंबर यानी आज शाम 5 बजकर 37 मिनट पर होगा.  

गणेश स्थापना का समय- 7 सितंबर यानी आज सुबह 11 बजकर 03 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 34 मिनट तक. इसके लिए कुल 2 घंटे 31 मिनट का समय मिलेगा.  

गणेश चतुर्थी इस बार बहुत ही खास मानी जा रही है क्योंकि इस दिन कई सारे शुभ योग बनने जा रहे हैं. जिसमें सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, ब्रह्म योग और इंद्र योग बनने जा रहे हैं.  

गणेश चतुर्थी पूजन विधि 

सबसे पहले स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहनें और पूजा स्थल की सफाई कर लें. एक चौकी तैयार करें और उसपर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछा लें. इसके बाद चौकी पर गणपति बप्पा को स्थापित करें. गणपति बप्पा को बैठाते समय  

अस्य प्राण प्रतिषठन्तु अस्य प्राणा: क्षरंतु च। 
श्री गणपते त्वम सुप्रतिष्ठ वरदे भवेताम।।  

इस मंत्र का जाप करें. इसके बाद गणपति बप्पा को पंचामृत से स्नान कराएं, फिर उन्हें वस्त्र अर्पित करें. इसके बाद उन्हें तिलक लगाएं और अक्षत चढ़ाएं. फिर बप्पा को भोग चढ़ाएं. इसके बाद गणेश चालीसा का पाठ करें और बप्पा की आरती करें. ध्यान रखें पूजा के समय गणपति बप्पा को दूर्वा जरूर अर्पित करें. दूर्वा के बिना गणेश जी की पूजा अधूरी मानी जाती है. आप चाहों ते गणपति बप्पा को दूर्वा की माला बनाकर भी पहना सकते हैं. 

गणेश चतुर्थी पूजन सामग्री 

गणेश चतुर्थी के त्योहार में कुछ खास चीजों का इस्तेमाल होता है. इन चीजों के बगैर गणेश चतुर्थी की पूजा अधूरी मानी जाती है. गंगाजल, धूप, दीप, कपूर, मूर्ति स्थापित करने के लिए चौकी, लाल रंग का कपड़ा, दूर्वा, जनेऊ, रोली, कलश, मोदक, फल, सुपारी, लड्डू, मौली, पंचामृत, लाल चंदन, पंचमेवा इत्यादि

Related Posts:

  • WhatsApp Image 2026-04-18 at 5.07.43 PM
    सनातन धर्म_ संस्कृति एवं परंपरा का अद्वितीय मुहूर्त…
  • 159051cd-be43-44ed-8c80-2a0cf4cfe2c3
    हिन्दू जागरण मंच के प्रयास से बरसते पानी में हनुमान…
  • WhatsApp Image 2025-07-09 at 12.08.52_70a140de
    जगन्नाथ के भात को जगत पसारथ हाथ !
  • b1df6efa-b5cd-4b77-8c6d-c1db340f6e3f
    सुबह हो या शाम… सबके जीवन म हे बस राम-राम-राम
  • LPG-gas-860x484
    गैस रिफिल कराने अचानक जागे छत्तीसगढ़ के लोग! एक ही…
  • WhatsApp Image 2025-08-11 at 16.03.51_0963d0ca
    अन्न, हरियाली और समृद्धि का प्रतीक है भोजली : रावटे

Primary Sidebar

Latest News

कोटमी सोनार क्रोकोडाइल पार्क मगरमच्छ देखने जाने का अवसर चांपा अग्रवाल ऐरन परिवार के सदस्य

जावलपुर में अघरिया समाज की संगठनात्मक बैठक आयोजित

मवेशी तस्करी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के 05 आरोपियों को पकड़ने में शिवरीनारायण पुलिस को मिली बड़ी सफलता

थाना नवागढ़ क्षेत्र के ग्राम राछा भांटा में नशा मुक्ति एवं सायबर जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन”

अघरिया समाज की बेटी संध्या नायक प्रदेश में अव्वल…

पत्रकारिता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के सम्मान और स्मरण का पर्व है विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस…

सक्ती पुलिस की बड़ी कार्यवाही: अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर लगाम, चंद्रपुर क्षेत्र से 01 जेसीबी और 04 ट्रैक्टर जप्त

आज दिनांक 03.05.26 को प्रातः लगभग 07:50 बजे कोरबा से सारंगढ़ जा रही एक यात्री बस ग्राम करनौद, थाना बिर्रा के पास अनियंत्रित होकर पलट गई। घटना की सूचना मिलते ही बिर्रा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया गया।

रेलवे ट्रैक किनारे लाश मिली, कोरबा की घटना

ऽ आईपीएल मैचों में एप्स के माध्यम से सट्टा खेलाने वाले आरोपी

Footer

Categories

Facebook WhatsApp Twitter Instagram LinkedIn

शेयर जरूर करें...

© 2026 · cgpanchayat · Log in