जांजगीर चांपा जिले में भीमा तालाब के सौंदर्यकरण पर सरकारी धन का करोड़ों खर्च किया सारा पैसा पानी में डूब गई रखरखाव के भाव के लिए ठेका नहीं हो पाया शुरुआत में यहां लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी अब हालात यह है कि तालाब की तरफ किसी की ध्यान नहीं होने से इसकी सुंदरता को प्रभावित हो रहा है नगर पालिका नैला जांजगीर की कार्यशैली पर ही बड़े-बड़े सवाललिया निशान लग रहे हैं शहर के बीचो-बीच प्राचीन विष्णु मंदिर के पास ऐतिहासिक भीमा तालाब है तालाब कलचुरी कालीन ऐतिहासिक धरोहर में शुमार है भीमा तालाब की सुंदरता बरकरार रखने के लिए करोड़ों की लागत से सौंदर्यकरण किया गया लेकिन रखरखाव के अभाव एवं मूलभूत सुविधाओं के कमी आ रहा है समय-समय पर लोगों द्वारा इस पर ध्यान आकर्षण भी कराया जाता तो बदहाली का आंसू नहीं बहता
भीमा तालाब में गार्डन के अंदर लगे ओपन जिम की बात करें तो जिसमें लगे लोहा मेंटेनेंस के अभाव में टूटने लगे हैं पानी कम होने के कारण दुर्गंध आने लगा है तालाब में गंदगी का भरमार और तालाब के चारों ओर कचरा से पटी हुई भीमा तालाब में घूमने बाहर-बाहर से लोग आते थे ना तो उनके लिए पीने का पानी का व्यवस्था है ना ही सुलभ शौचालय की गार्डन में बच्चों का झूला टूटा पड़ा हुआ है पहले यहां सुबह से शाम तक लोगों का हुजूम देखने को मिलता था अब नगर पालिका की लापरवाही से बदहाली का आंसू रोने को मजबुर है भीमा तालाब











