
संवाददाता सुनीता महंत मोबाईल नंबर 9977109155
अम्बिकापुर /
कुछ कर गुजरने की चाहत और जज्बा हो तो कोई भी परेशानी या शारीरिक कमी बाधा नहीं बन सकती विकलांग महेश ने इस बात को सिद्ध कर दिया है सरगुजा जिला मुख्यालय अंबिकापुर से सटे ग्राम डिगमा निवासी 17 वर्षीय महेश सिंह ने अपने हौसले और जज्बे के कारण आज के समय मे अच्छे खासे हाथ पैर वाले छात्रों को भी पीछे छोड़ दिया है इन दिनों विकलांग म
हेश पैर से 12 वी बोर्ड की परीक्षा लिख रहा है लिखावट भी इतना बेहतर है जैसा किसी ने हाथ से लिखा हो महेश सिह का एक हाथ नहीं है जब की दूसरा हाथ अविकसित है इसके बाद भी ऐसा जुनून है की उसने अब तक की पढ़ाई और परीक्षा पैरों से लिखा कर पूरी की है वर्तमान मे महेश डिगमा के हेयर सेकंट्री स्कूल मे 12 वी का छात्र है, 12 वी बोर्ड की परीक्षा भगवानपुर स्कूल मे दे रहा है परीक्षा के लिए माध्यमिक शिक्षा मण्डल के निर्देशो के अनुरूप उसके लिए विशेशब व्यवस्था की गई है उसके दोनों हाथ नहीं है इसलिए वह पैरों से लिखता है पेन को पैरों के दो उंगलियों मे फासाकर जब महेश लिखना सुरू करता है तो थमता नहीं है जिन सवालों का जवाब उसे मालूम है वह उसे बड़ी तेजी से लिखता है!











