सक्ती/बेलादुला; आज समाज विघटन की ओर बढ़ता जा रहा है। विघटन अब समाज के बाद परिवारों में शुरू हो गया है। हमारा पारिवारिक संगठन ही टूटता जा रहा है । आज हम बिना किसी स्वार्थ के किसी से मिलते-जुलते नहीं है। कहना ग़लत न होगा कि आज हम स्वार्थ के बीच रिश्तों को जी रहें हैं। यह स्थिति हमारे समाज के लिए बहुत ही चिंताजनक है। ऐसे समय में आज समाज को जरूरत आध्यात्मिक कार्यक्रमों की है। आज हम एक महान संत गुरु घासीदास जी की जयंती मना रहे हैं। ऐसे में हमें चिंतन मनन करने की आवश्यकता है की क्या हम अपने गुरु की तरह समाज को सही दिशा दे पा रहे हैं? उक्त बातें अघोर पीठ जन सेवा केंद्र आश्रम बोईरडीह के महंत श्री पुनीत साही राम बाबाजी ने कही। वे 28 दिसंबर, गुरूवार को सक्ती जिला अंतर्गत विकासखंड सक्ती के गांव डड़ई में आयोजित गुरू घासीदास जयंती कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर महंत श्री पुनीत साही राम बाबाजी ने गुरू शब्द का अर्थ समझाते हुए कहा कि अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाले ही गुरू होते हैं। आज समाज में लोगों को चिंतन मनन करने की आवश्यकता है कि क्या हम अपने गुरु के बताए रास्ते पर चल भी रहे हैं?

अपने गुरु की तरह समाज को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जा रहे हैं? संत श्री पुनीत साही राम बाबाजी ने कहा बच्चे हमारे आने वाले कल के भविष्य हैं। उनमें गुरू की सीख व अच्छे संस्कारों को लाना अति आवश्यक है। क्योंकि आज हम देखते हैं सभी लोग आज बड़े अधूरे प्रतीत होते हैं। लोग अपने बच्चों के सामने असहाय से नजर आते हैं। इन सब बातों से हमारा बड़ा ही अंधकारमय भविष्य सामने नजर आता है जो कि बहुत चिंताजनक स्थिति है। देश की प्रगति के लिए वैज्ञानिक विकास तो अपनी जगह ठीक है लेकिन उसके साथ -साथ लोगों का नैतिक पतन भी होता ही चला जा रहा है यह बड़ी चिंताजनक स्थिति है। ऐसे में आज जरूरत है कि समाज में ज्यादा से ज्यादा आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हो। लोग संस्कारित व चरित्रवान बनें। संतों गुरूओं की शिक्षाओं को आत्मसात कर उसके अनुरूप जीवन जीएं। गौरतलब हो कि बीते 28 दिसंबर, गुरूवार को बड़ी में गुरू घासीदास जयंती कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। यह कार्यक्रम डड़ई के मनहर परिवार द्वारा आयोजित किया गया था। इस पावन अवसर पर कार्यक्रम में अघोरपीठ जनसेवा अभेद आश्रम बोईरडीह जैजैपुर के महंत श्री पुनीत साही राम बाबाजी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अघोरपीठ जनसेवा केंद्र आश्रम

बोईरडीह के द्वारा जरूरतमंदों को किया कंबल वितरण कार्यक्रम में अघोरपीठ जनसेवा केंद्र बोईरडीह जैजैपुर द्वारा जरूरतमंदों को कंबल वितरण भी किया गया। इस संबंध में जानकारी देते हुए आयोजन समिति के सदस्य उदय मधुकर ने बताया कि इस दौरान कुल 120 जरूरतमंदों को कंबल वितरण किया गया। आयोजन को सफल बनाने सामाजिक कार्यकर्ता उदय मधुकर के नेतृत्व मे बेनुराम , कार्तिक , सम्मे लाल , सोहित राम, संतराम, रीखीराम, कुशल, दिलचंद, चंद्रिका, गेंदराम, मदन, सोहित, अंकलेश्वर, मत्थूलाल, तरूण, उमाशंकर ,संजू, गजेन्द्र,चंदूराम, बरतराम, कमलेश कुनाल, विनायक, विराज, एसकुमार, भोजराम, देवकुमार , सूरज, अरूण, सहित मनहर परिवार व डड़ई वासी का अहम् योगदान रहा। इस मौके पर कार्यक्रम में प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज सक्ती जिला व ब्लाक ईकाई तथा राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग के पदाधिकारियों सहित सतनामी समाज के प्रबुद्धजनों की उपस्थिति रही जिनके द्वारा बाबा के जैतखाम पर ध्वजारोहण भी किया गया।











