
बम्हनीडीह, जांजगीर-चांपा।
बांसुला से कपिस्दा तक निर्माणाधीन पीडब्ल्यूडी सड़क एवं पुल निर्माण कार्य को लेकर क्षेत्र में विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार तथा गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुल निर्माण में शासन द्वारा निर्धारित तकनीकी मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।

ग्रामीणों के अनुसार निर्माण कार्य में 8 एमएम के छोटे-छोटे टुकड़ों वाले सरिया, सटे हुए पुराने सीमेंट तथा निम्न गुणवत्ता की निर्माण सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। आरोप है कि इससे पुल और सड़क की मजबूती प्रभावित हो रही है तथा भविष्य में बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रही इस सड़क और पुल परियोजना में शुरुआत से ही गुणवत्ता संबंधी गंभीर खामियां देखने को मिल रही हैं। निर्माण स्थल पर तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है और बिना पर्याप्त गुणवत्ता परीक्षण के कंक्रीट कार्य कराया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी द्वारा लागत बचाने के लिए घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले की शिकायत सुशासन तिहार 2026 के दौरान लिखित रूप से की गई थी। शिकायत में पुराने सीमेंट, निम्न गुणवत्ता की सामग्री और निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही का उल्लेख किया गया था। लेकिन शिकायत के बाद भी न तो किसी प्रकार की जांच की गई और न ही जिम्मेदार अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया।
इस मामले को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों एवं क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद विभागीय अधिकारियों की चुप्पी संदेह पैदा कर रही है। लोगों का कहना है कि यदि शासन के अधिकृत शिकायत मंच पर शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं होती, तो आम जनता न्याय की उम्मीद किससे करे।
क्षेत्रवासियों ने लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला प्रशासन एवं राज्य शासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की तत्काल तकनीकी एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही जांच में अनियमितता या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जांच और कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के साथ-साथ उच्च स्तरीय जांच एजेंसियों से भी शिकायत करेंगे। फिलहाल पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और लोग प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
(नोट: समाचार में उल्लिखित आरोप ग्रामीणों एवं पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित विभाग अथवा निर्माण एजेंसी का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)











